
"देखो, जानो और अपनी आत्मा में बिठा लो कि उस देह की अब कोई कीमत नहीं है इस दुनिया में। इनसान तो वह बचा नहीं, उसके घरवाले भी उसको शव बोल रहे हैं। जब शरीर जल रहा होता है तो एकदम से आग नहीं पकड़ता, काफी देर तक तो वह फूलता रहता है, जैसे किसी ने अंदर गैस भर दी हो। यही सत्य है हमारा- तुम्हारा। अंत में बचती है केवल एक मुट्ठी राख। फिर यह बची हुई राख माँ गंगा को अर्पण हो जाती है। और एक जीवन अपनी अंतिम यात्रा पर गोलोक की ओर निकल जाता है।" सामने चिता जल रही थी और कुछ अघोरी अनुष्ठान कर रहे थे। वे दोनों वहाँ खड़े हैरानी से चिता से उठती लपटों को देख रहे थे। वे सोच रहे थे कि अघोरियों का जीवन कितना रहस्यमयी है। शरीर पर मुर्दे की भस्म लगाए, नरमुंडों की माला पहने वे अजीब तरह के तंत्र-मंत्र करने में संलग्न थे। लेकिन कोई यह नहीं जानता कि अघोरी बनने के लिए उन्हें कितनी कठिन साधना करनी पड़ती है। कोई नहीं जानता कि उनके जीवन का उद्देश्य मानवता को लाभ पहुँचाना और जनकल्याण करना है। अघोरियों के जीवन, साधना, शक्तियों एवं मृत्यु के सच को उजागर करनेवाला रोचक शैली में लिखा उपन्यास, जो उनके अनजाने तथ्यों से परिचय करवाएगा।
| Brand Name | Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. |
| Manufacturer | Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. |
| Item Type | Myths, Legends & Sagas · Books |
| Shipping Weight | 180 g |
| Package Dimensions | 39.1 × 21.4 × 2.1 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Myths, Legends & Sagas |
| Category Rank | #34,068 in Books |
| Marketplace Rating | 4.6 out of 5 (26 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789355624635 |



