
अनकही ग़ज़लों का ऐसा संग्रह है जिसमें प्रेम, विरह और मन के अनकहे जज़्बातों की अभिव्यक्ति है।ये रचनाएँ वर्षों तक लेखक की डायरियों के पन्नों में सहेजी हुई रहीं और अब पहली बार पुस्तक के रूप में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत हैं।इस संग्रह की ग़ज़लों में मोहब्बत की मिठास भी है और उसके अधूरेपन की टीस भी।सरल भाषा और सहज भावों में लिखी गई ये ग़ज़लें पाठकों को अपने ही अनुभवों से जोड़ती हैं।“अनकही” उन भावनाओं की आवाज़ है जो अक्सर दिल में रह जाती हैं, पर शब्दों तक नहीं पहुँच पातीं।लेखक : नरेश बाथमयह उनका पहला प्रकाशित ग़ज़ल संग्रह है। आप पुस्तक को अवश्य पढ़िए। ये रचनाएँ आपको निश्चित तौर पर पसंद आएँगी।
| Brand Name | AISECT Publications |
| Manufacturer | AISECT Publications |
| Item Type | Poetry · Books |
| Shipping Weight | 200 g |
| Package Dimensions | 21 × 15 × 2 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Poetry |
| Category Rank | #399,840 in Books |
| Marketplace Rating | 5.0 out of 5 (15 ratings on the source marketplace) |