
दुनिया के क़रीब दो-तिहाई से अधिक जंगली बाघ भारत में पाये जाते हैं। अतः इसके संरक्षण की सर्वाधिक ज़िम्मेदारी इसी देश के कन्धे पर है। ज़रूरत है कि सभी आम एवं ख़ास जन इस बात से वाक़िफ़ रहें कि दहाड़ लगाने वाला बाघ हमारी प्रगति का बाधक नहीं बल्कि नदियों का रक्षक है, हमारे आने वाली पीढ़ी का अभिभावक है। हिन्दी में बाघ विषयक किताब की आवश्यकता को देखते हुए प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न पाठक वर्गों को बाघ संरक्षण के सरोकार और उससे जुड़े तथ्यों के साथ टाइगर रिज़र्वों की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और पर्यावरणीय जागरूकता हेतु रोचक रूप में प्रस्तुत की गयी है।
| Brand Name | Vani Prakashan |
| Manufacturer | Vani Prakashan |
| Item Type | Society & Social Sciences · Books |
| Shipping Weight | 200 g |
| Category | Books › Society & Social Sciences |
| Category Rank | #1,192,465 in Books |
| Marketplace Rating | 4.8 out of 5 (7 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789355183156 |