
भगवान रमण, बीसबीं सदी के वह महान महषि है जिन्हें अद्वत ज्ञान का [साकार रुप एवं अपरोक्षानुभूति का ज्वलन्त प्रतीक माना जाता है । उन्हें विश्व · के सभी धर्मानुयायी एवं साधक मानते एवं प्रकाश प्राप्त करते हैं । हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध, जैन, यहूदी, पारसी सभी उनके जीवन एवं उपदेश से प्रेरणा एवं प्रकाश प्राप्त कर अपने जीवन एवं आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर · होते हैं · आस्तिक ही नहीं नास्तिक भी, उनके उपदेशों में अपनी आस्था एवं विश्वास के तत्व पाते हैं । 'मैं कौन हूँ ?” में, उनके उपदेश देश, काल, धर्म, मजहब से बंधे हुए नहीं हैं बल्कि इनसे बाहर शाश्वत् एवं सार्वभौम हैं · उसी प्रकार से जैसे वेद की क्रचायें हैं, जैसे गीता के संदेश हैं, जैसे उपनिषद के। · मंत्र हैं, जैसे भगवान बुद्ध एवं महावीर की वाणी है, जैसे कुरान की आयतें और बाइबिल के सिस्मन हैं · उनका पावन जीवन एवं उपदेश विश्व के हर साधक के लिए उपयोगी है । राष्ट्रभाषा हिन्दी में प्रथम बार प्रकाशित इस ग्रन्थ - भगवान रमण महर्षि :जीवन चरित एवं उपदेश,” में जीवन चरित, उपदेश, संस्मरण, वार्तालाप एवं प्रश्नोत्तर जैसे सभी पक्षों को एक साथ प्रस्तुत किया गया है । इस ग्रन्थ में न केवल इन विषयों का समावेश है बल्कि मुमुश्चुओं कि लिए भगवान रमण की वाणी में महान प्रेरणा एवं प्रकाश उपलब्ध है ·
| Brand Name | Sri Ramanasramam |
| Manufacturer | Sri Ramanasramam |
| Item Type | Religion & Spirituality · Books |
| Shipping Weight | 540 g |
| Package Dimensions | 21.5 × 13.9 × 3.2 cm |
| Category | Books › Religion & Spirituality |
| Category Rank | #182,318 in Books |
| Marketplace Rating | 5.0 out of 5 (7 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 0008182881110, 9788182881112 |
| UPC | 008182881110 |