
'भींत भरोसै री' युवा कवि सत्येंद्र चारण री पैली काव्यकृति है। कविता रा संस्कार कवि नैं आपरै घर-परिवार सूं जलम री घूंटी साथै मिल्योड़ा है। राजस्थानी भाषा रा सिरै गीतकार अर लोकरंग रा चतुर चितेरा कविवर कानदान जी कल्पित तथा मीठा गीतकार प्रहलाद सिंह जी झोरड़ा री पारिवारिक परंपरा में पळ्यो-बध्यो कवि कविता री ओळ नैं अनायास ई परोट सकै, इणमें कोई इचरज वाळी बात नीं है। कवि सत्येंद्र आपरै परिवेश, प्रकृति अर संस्कृति रै नाना रूपां माथै रीझतां थकां मन में ऊमड़्यां भावां नैं काव्य रूप में आबद्ध करै, इण दीठ सूं वांरी कवितावां आत्ममुग्ध अभिव्यक्तियां कही जा सकै है। कवि आपरी अनुभूति, मान्यता अर कल्पना रो पूरो साथ लेवतां थकां आपरै विचार नैं थापित करण सारू अणथक खेचळ करतो निगै आवै। — डॉ. गजादान चारण 'शक्तिसुत'
| Brand Name | Vera Prakashan |
| Manufacturer | Vera Prakashan |
| Item Type | Poetry · Books |
| Shipping Weight | 130 g |
| Package Dimensions | 20.3 × 13.3 × 0.7 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Poetry |
| Category Rank | #67,502 in Books |
| Marketplace Rating | 4.8 out of 5 (12 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789348290069 |