
हे तथागत! आपने मुझे धोखा दिया!! आपने कह दिय़ा– मेरी भी बातों को मान मत लेना, जांचना–परखना, परीक्षण करना , सोनार जैसे सोने को आग में तपाता है, ऐसे तपाना मेरे वचनों को, तुम्हारी परीक्षण की कसौटी पर खरा उतरे, तब मानना मेरे वचनों को— जब पहली बार सुना कालाम सुत्त आपकी वाणी में तो मैं तो सम्मोहित हो गया कि आप अपने अनुयायी को भी कितनी स्वतंत्रता देते हैं! उसे भी अपने वचनों को आजमा कर देखने का मौका देते हैं!! और मेरी उम्र निकल गयी आपके वचनों का परीक्षण करते–करते––– आज पाता हूँ कि आपने मुझे छल लिया है, आपने मुझे धोखा दिया है मेरे अहं को परीक्षण का प्रलोभन देकर आपने मुझे अपना दास बना लिया!
| Brand Name | Nayee Kitab Prakashan |
| Manufacturer | Nayee Kitab Prakashan |
| Item Type | Literary Theory, History & Criticism · Books |
| Shipping Weight | 200 g |
| Package Dimensions | 23 × 15 × 2 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Literary Theory, History & Criticism |
| Category Rank | #433,658 in Books |
| Marketplace Rating | 5.0 out of 5 (7 ratings on the source marketplace) |