
क्या आप भी अक्सर उन चीज़ों की तलाश में होते हैं जिनका अस्तित्व है ही नहीं? और ज़िन्दगी इसी कश्मकश में गुज़ार देते हैं कि वो होता तो कैसा होता? तो यह कविता संग्रह आपके लिए है। कुछ ऐसे ही मार्मिक पलों को अपनी कविताओं में क़ैद किया है, कवियत्री आशा सेठ ने। इस संग्रह में आप पाएँगे आत्मविश्लेषण में घुली शामें तो पुरानी यादों को टटोलती रातें, खोये हुए लम्हों में ग़ुम सुकून तो कुछ रिश्तों के लिए त्यागा हुआ गुरूर। यह कविताएँ पाठक के चित्त में प्रेरणा, सब्र और सकारात्मकता जैसी भावनाएँ जगाती हैं और जीने का एक नया अंदाज़ पेश करती हैं। यह कविता संग्रह उन सबकी आवाज़ है जो गिरकर उठना जानते हैं, कुछ खोकर भी ख़ुश रहना जानते हैं, जो एकाकी में भी संपूर्ण हैं, सक्षम हैं।
| Brand Name | Rajmangal Prakashan |
| Manufacturer | Rajmangal Prakashan |
| Item Type | Poetry · Books |
| Shipping Weight | 150 g |
| Package Dimensions | 20.3 × 12.7 × 0.3 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Poetry |
| Category Rank | #500,960 in Books |
| Marketplace Rating | 4.8 out of 5 (23 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788196299583 |