
एक लड़की थी। अकेली और तन्हा। उसे लगता उसे कोई नहीं समझता। बहुत बार बताने के बाद लोग उसे समझ पाते। वो थक जाती, समझाते। किसी से बात करने का ही दिल नहीं करता। फिर एक दिन जिस कोने में वो बैठी थी, उसी कोने से उसे दूसरे कोने में बैठी और एक लड़की दिखी। उसे हैरानी हुई! क्या मेरे जैसा और भी कोई है? वहां बैठी लड़की ने उसे देखा। हौले से मुस्कुरायी, डरते डरते। लड़की भी मुस्कुरायी। बस फिर क्या था? मुस्कुराहटें बढ़ती चली गयीं! जैसे मुरझाती कलियाँ खिल उठीं। अब न समझना पड़ता, और न समझाना। न थकान न अकेलापन। ये जादू नहीं है, ये दोस्ती है - दो सहेलियों कि दोस्ती।
| Brand Name | Anjuman Prakashan |
| Manufacturer | Anjuman PrakashanPVT LTD |
| Item Type | Literary Theory, History & Criticism · Books |
| Shipping Weight | 1.19 kg |
| Package Dimensions | 21 × 15 × 2 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Literary Theory, History & Criticism |
| Category Rank | #1,011,652 in Books |
| Marketplace Rating | 4.4 out of 5 (8 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789391571474 |