
À¤¹à¤¾à¤¶à¤¿à¤¯à¥‡ का यथारà¥à¤¥ और संघरà¥à¤· लगातार बà¥à¤¤à¤¾ जा रहा है। इसे जानने पहचानने और शबà¥à¤¦ देने के लिठसरोकार समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ रचनाशीलता की ज़रूरत होती है। कहना न होगा कि मैतà¥à¤°à¥‡à¤¯à¥€ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ à¤à¤¸à¥€ रचनाशीलता का परà¥à¤¯à¤¾à¤¯ बन चà¥à¤•ी हैं। अपने कथा-साहितà¥à¤¯ और विमरà¥à¤¶ आदि के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने किसान, मजदूर, सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ और दलित जीवन की पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤·-अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· सचà¥à¤šà¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ को मà¥à¤–र किया है। 'फरिशà¥à¤¤à¥‡ निकले' मैतà¥à¤°à¥‡à¤¯à¥€ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ का नया उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ है, जिसमें उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 'बेला बहू' का वृतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥à¤¤ रचा है। यह वृतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥à¤¤ जà¤ÿिल किनà¥à¤¤à¥ कई परतों में बदलते 'गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤' का दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ बन गया है। बेला बहू के जीवन में जो घà¤ÿनाà¤à¤ घà¤ÿती हैं और जिन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ उसका वाद-विवाद-संवाद होता है उनका मन में उतर जाने वाला वरà¥à¤£à¤¨ मैतà¥à¤°à¥‡à¤¯à¥€ ने किया है। जि़नà¥à¤¦à¤¾ रहने और आज़ाद रहने के अरà¥à¤¥ को वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• अरà¥à¤¥ में समà¤à¤¾à¤¤à¥€ बेला बहू हिनà¥à¤¦à¥€ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ साहितà¥à¤¯ के कà¥à¤› अविसà¥à¤®à¤°à¤£à¥€à¤¯ चरितà¥à¤°à¥‹à¤‚ में गिनी जाà¤à¤—ी, à¤à¤¸à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है। सरल और वà¥à¤¯à¤‚जक à¤à¤¾à¤·à¤¾ में रचा गया यह उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लेखिका की रचनाशीलता का आगे बà¥à¤¾ हà¥à¤† कदम तो है ही, हिनà¥à¤¦à¥€ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ की नवीनतम उपलबà¥à¤§à¤¿ à¤à¥€ है।
| Brand Name | Rajkamal Prakashan |
| Manufacturer | Rajkamal Prakashan |
| Item Type | Indian Writing · Books |
| Shipping Weight | 260 g |
| Package Dimensions | 22 × 14.4 × 2 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Indian Writing |
| Category Rank | #523,839 in Books |
| Marketplace Rating | 4.2 out of 5 (10 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788126729029 |