
लेखिका विभा तिवारी का यह ग़ज़ल-संग्रह ‘फ़ुरक़त’ हक़ीक़त हिंदी-उर्दू की मिली जुली गंगा जमुनी तहज़ीब से भरी ग़ज़लों का अनूठा संगम है। आम जुबान की भाषा में वज़नदार शे’र कहना विभा जी की फितरत है। आप लोग विभा जी की ग़ज़लों को पढ़ने के बाद शिद्दत से महसूस करेंगे कि ज़िन्दगी के हर रंग की खूबसूरती को खूबसूरती से कहने का हुनर इन्हें कमाल का आता है, विभा जी के ग़ज़लों का सफ़र ज़िन्दगी के हर एहसास को महसूस कराएगा। विभा जी के फिक्रोफ़न का दायरा बहुत वसी है। एक बात और ख़ास है कि विभा जी की ग़ज़लें भीड़ से अलग अपनी पहचान बनाती हैं। समाज का, परिवार का, देश, दोस्ती का, मुहब्बत का कोई भी मसला हो उसे हल करती हुई ग़ज़लें हैं। विभा जी बहुमुखी प्रतिभा से संपन्न रचनाकार हैं। इस ग़ज़ल-संग्रह के माध्यम से इन्होंने अपनी मोहब्बत, बेचैनी, खामोशी को ज़बान दिया है। पढ़ने वाले के मन को बार-बार छूने वाली ग़ज़लें कहने में आप कामयाब हुई हैं।
| Brand Name | PANKH PRAKASHAN |
| Manufacturer | PANKH PRAKASHAN |
| Item Type | Poetry · Books |
| Shipping Weight | 180 g |
| Package Dimensions | 23 × 15 × 3 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Poetry |
| Category Rank | #976,937 in Books |
| Marketplace Rating | 4.4 out of 5 (7 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788195440078 |