
यह लोकप्रिय युवा कवि स्वयं श्रीवास्तव का पहला काव्य संग्रह है। इसके हर गीत और नज़्में पहले ही लोगों की ज़ुबान पर हैं। स्वयं श्रीवास्तव अपने समय की असल समस्याओं को उठाते हैं। उनकी कविताओं में युवा मन की बेकरारी, बेकारी, प्रेम, असफलताबोध और सौन्दर्याकांक्षा मिलेगी। जब उनकी हिन्दुस्तानी जुबान में आप इन्हीं चीज़ों को सुनते हैं तो एक ही बात जेहन में कौंधती है— “देखना तक़रीर की लज़्ज़त कि जो उसने कहा मैं ने ये जाना कि गोया ये भी मेरे दिल में है”।
| Brand Name | UNBOUND SCRIPT |
| Manufacturer | Unbound Script |
| Item Type | Poetry · Books |
| Shipping Weight | 90 g |
| Package Dimensions | 18.2 × 13.1 × 1 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Poetry |
| Category Rank | #32,645 in Books |
| Customer Reviews | 4.3 out of 5 (69 ratings) |
| EAN | 9789348497949 |