
गोदान' प्रेमचंद का एक प्रमुख उपन्यास है, जिसे हिंदी साहित्य का एक महान कृति माना जाता है। यह उपन्यास भारतीय ग्रामीण जीवन की सच्चाई को बहुत ही प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करता है। इसमें भारतीय किसानों की समस्याओं, उनके संघर्षों, और उनके जीवन की विडंबनाओं को उकेरा गया है। उपन्यास का मुख्य पात्र होरी है, जो एक गरीब किसान है। होरी का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है, और उसकी सबसे बड़ी इच्छा एक गाय का दान करना है, जिसे वह पुण्य का कार्य मानता है। लेकिन सामाजिक और आर्थिक दबावों के कारण होरी इस साधारण से सपने को भी पूरा करने में असमर्थ रहता है। 'गोदान' में प्रेमचंद ने उस समय के भारतीय समाज की गहरी जड़ता, जातिवाद, शोषण, और अन्याय को दिखाया है। इसमें केवल किसान जीवन की दुर्दशा ही नहीं, बल्कि शहरी जीवन के अंतर्विरोधों और अमीर-गरीब के बीच की खाई को भी बखूबी चित्रित किया गया है। प्रेमचंद ने 'गोदान' के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की है कि कैसे भारतीय किसान अपनी गरीबी, अशिक्षा, और बेबसी के कारण शोषण का शिकार होते हैं। इस उपन्यास में समाज की यथार्थवादी तस्वीर उकेरते हुए, प्रेमचंद ने भारतीय साहित्य को अमूल्य योगदान दिया है।
| Brand Name | NEELKANTH PRAKASHAN |
| Manufacturer | NEELKANTH PRAKASHAN |
| Item Type | Classic Fiction · Books |
| Shipping Weight | 400 g |
| Package Dimensions | 21.5 × 13.9 × 3.3 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Classic Fiction |
| Category Rank | #1,107,666 in Books |
| Marketplace Rating | 4.4 out of 5 (113 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789361447518 |