
हास्य-विनोद की कहानियाँ—रस्किन बॉण्ड 'मैंने अपनी जिंदगी में बंबई को मुंबई, कलकत्ता को कोलकाता और मद्रास को चेन्नई बनते देखा। समय बदला, नाम बदला और अब अगर बॉण्ड बदलकर बोंडा हो जाए तो मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा।’ इन पंक्तियों के साथ शुरू होता है उत्कृष्ट लेखक रस्किन बॉण्ड की रचनाओं का एक और अद्भुतसंकलन। साधारण स्थितियों की बेमिसाल समझ और तीक्ष्णतमा के साथ देखने की योग्यता के साथ रस्किन बॉण्ड हमें अपने घर, अपने गाँव और अपनी जिंदगी में झाँकने को आमंत्रित करते हैं। बंदरों, बनैले सुअरों, फूलों से डरनेवाली आंटी, खुद को महान् क्रिकेटर रणजी समझने वाला सनकी भतीजा और सात वर्षीय गौतम जैसे लोगों के साथ यह संकलन हर उम्र के पाठकों को दिलचस्प लगेगा। हास-परिहास, व्यंग्य-विनोद के विविध रंगों से सजा रोचक कहानियों का पठनीय संकलन।.
| Brand Name | Prabhat Prakashan |
| Manufacturer | Prabhat Prakashan |
| Item Type | Humour · Books |
| Shipping Weight | 320 g |
| Package Dimensions | 22 × 14.2 × 1.6 cm |
| Category | Books › Humour |
| Category Rank | #555,119 in Books |
| Marketplace Rating | 4.2 out of 5 (39 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789350481288 |
| Attributes | Best Selling Book · Hasya Vinod Ki Kahaniyan Books… |



