
इश्क, मुहब्बत, प्रेम, प्यार, स्नेह और ऐसे अन्य संबोधनों से पुकारे जाने वाले इस शाश्वत विषय पर कालांतर से अब तक ना जाने कितना कुछ लिखा जा चुका है, और आगे भी लिखा जाता रहेगा। मगर इतनी उपलब्धता के बाद भी इसको जानने की पढ़ने की जीने की तलब कम नहीं हुई है। बल्कि देखा जाये तो कोई आयु वर्ग इससे अछूता नहीं है, नवयुवाओं को जहाँ ये रोमांच से भर देता है वहीं वृद्धों को अपने उन दिनों की सुंदर स्मृतियों की सैर करा लाता है जहाँ उन्होंने इश्क को अपने तरीके से परिभाषित किया है। गौरतलब है कि तलब है, प्यास है, तलाश है, फिर भी आज के दौर में कहीं ना कहीं हम सबसे ज्यादा दो ही कमियों से जूझ रहे हैं वो है प्रेम और विश्वास उसी कमी को पूरा करने की सर से पैर तक इश्क के रंग में डूबी एक छोटी-सी कोशिश है इश्का । रूहानी इश्क की दास्तान को खूबसूरत शक्ल देने की पूरी-पूरी कोशिश का नाम है इश्का। अगर आपने कभी इश्क को महसूस किया है तो नायिका मिशेल के लिखे खत आपको कभी हँसने कभी रोने पर मजबूर कर देंगे। कभी जश्न होगा तो कभी सियापा, कभी रौनकें होंगी तो कभी वीराना। मगर यकीन रखें मुहब्बत का ये अफसाना आपको उकताने बिल्कुल नहीं देगा क्योंकि इस किताब को लिखने और आप सबके बीच रखने में मैंने कोई जल्दबाज़ी नहीं की है। मैं आप सबके बीच रूहानी इश्क की एक ऐसी दास्तान रखने की कोशिश की है जिसे आप पढ़ते हुए जी सकें, इश्क के सच्चे स्वरूप को महसूस कर सकें।
| Brand Name | Shabdankur Prakashan |
| Manufacturer | Shabdankur Prakashan |
| Item Type | Romance · Books |
| Category | Books › Romance |
| Category Rank | #842,446 in Books |
| Marketplace Rating | 4.6 out of 5 (21 ratings on the source marketplace) |