
ऐसे दौर में जब लोकतन्त्र में कई गैर लोकतान्त्रिक तरीकों से असहमति को दबाये जाने का एक सुनियोजित अभियान ही चल रहा है, तब अशोक वाजपेयी उन सार्वजनिक रूप से सक्रिय व्यक्तियों में से हैं जो कविता, लेखन, वक्तव्य और कर्म के अनेक स्तरों पर असहमति को विन्यस्त और मुखर कर रहे हैं। तरह-तरह से डराई जा रही व्यवस्था में वे निडर रहकर अपनी बात कहते हैं। वे उन लोगों में से हैं जो अन्त:करण के आयतन को संक्षिप्त होने से लगातार बचाने का अथक यत्न करते रहे हैं। ‘कम से कम’ की कविताएँ ज़्यादा से ज़्यादा मानवीय बने रहने का अभ्यास हैं: वे इसका साक्ष्य हैं कि कठिन से कठिन समय में कविता मनुष्य बने रहने की सम्भावना की जगह होती है।.
| Brand Name | Rajkamal Prakashan |
| Manufacturer | Rajkamal Prakashan |
| Item Type | Poetry · Books |
| Shipping Weight | 120 g |
| Package Dimensions | 20.8 × 13.6 × 1.1 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Poetry |
| Category Rank | #426,723 in Books |
| Marketplace Rating | 4.3 out of 5 (12 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789388753746 |