
'कंकाल' जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित एक उपन्यास हैं, जो 1929 ई. में प्रकाशित हुआ। ‘कंकाल’ शुद्ध यथार्थवादी कृति है जिसमें बिना किसी महत्ता या आदर्श आरोपण के समाज की विषमता को तटस्थ भाव से चित्रित किया गया है। यह एक सामाजिक व्यंग्य है जो समाज में व्याप्त विकृतियों, कमजोरियों को उघाड़-उघाड़कर उन पर अटट्टास करता है। ‘तितली’ ग्राम्य जीवन पर आधारित आदर्शवादी उपन्यास है। इस उपन्यास के माध्यम से प्रसाद ने नारी समस्या के विभिन्न पक्षों को उजागर किया है। उन्होंने विधवा विवाह, अनमेल विवाह, दहेज-प्रथा आदि कुप्रथाओं को स्थूल रूप न देकर व्यापक धरातल पर रखकर जाँचने-परखने का काम किया है। जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी 1890 को वाराणसी के सरायगोवर्धन में हुआ था। जयशंकर प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी में हुई, जिसके बाद उनकी शिक्षा का प्रबंध घर पर ही हुआ जहाँ उन्होंने संस्कृत, हिंदी, उर्दू और फ़ारसी का अध्ययन किया। उन्हें हिंदी कवि, नाटककार, उपन्यासकार और ऐसी कई उपाधियों से सम्मानित किया गया था। 15 नवंबर 1937 को तपेदिक के कारण वाराणसी में उनकी मृत्यु हो गई।
| Brand Name | R S BOOK WORLD |
| Manufacturer | R S BOOK WORLD |
| Item Type | Psychological · Books |
| Shipping Weight | 425 g |
| Package Dimensions | 24 × 16 × 4 cm |
| Category | Books › Science Fiction & Fantasy › Horror › Psychological |
| Category Rank | #444,152 in Books |
| Marketplace Rating | 4.3 out of 5 (1K+ ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789349365766 |



