
स्वामी विवेकानंद का 'कर्मयोग' सिर्फ एक पुस्तक नहीं है, बल्कि जीवन जीने का एक दर्शन है। यह पुस्तक हमें कर्म के महत्व को समझाती है और हमें एक बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करती है। कर्म का महत्व: पुस्तक हमें बताती है कि कर्म ही जीवन का एकमात्र सत्य है और हमें निष्काम भाव से कर्म करते रहना चाहिए। ज्ञान प्राप्ति का मार्ग: स्वामी जी ने कर्म को ज्ञान प्राप्ति का एक सीधा मार्ग बताया है। जीवन में संतुलन: यह पुस्तक हमें जीवन में संतुलन बनाए रखने और हर कार्य को ईमानदारी से करने की प्रेरणा देती है। आत्मिक उन्नति: कर्मयोग हमें आत्मिक उन्नति की ओर ले जाता है। समाज सेवा: स्वामी जी ने कर्मयोग को समाज सेवा से जोड़ा है। यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो जीवन में एक उद्देश्य ढूंढ रहे हैं और आत्मिक विकास करना चाहते हैं।
| Brand Name | Prabhat Prakashan |
| Manufacturer | Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. |
| Item Type | Healthy Living & Wellness · Books |
| Shipping Weight | 140 g |
| Package Dimensions | 21.5 × 14 × 1.6 cm |
| Category | Books › Health, Family & Personal Development › Healthy Living & Wellness |
| Category Rank | #58,573 in Books |
| Marketplace Rating | 4.5 out of 5 (816 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789389982367 |