
कहानी एक ही है और नायक भी एक। किन्तु एक ही नायक के ये दो रूप - एक जगत् में ख्यात, तो दूसरा अनजाना अज्ञात। एक फूलों से उठती सुगंध, तो दूसरा चिता में जलते मुर्दों से उठती दुर्गन्ध। एक सूर्य से उजला दिन, तो दूसरा चंद्रविहीन अमावस्या की अँधेरी रात। एक विवाह के मंडप में सजी दुलहन की चुनरी का रचयिता, तो दूसरा जीर्ण-शीर्ण मल-मूत्र से भरी मृत काया का दाहकर्ता। एक श्री विष्णुरूप रामानंद का शिष्य, तो दूसरा श्री शिवरूप गुरु का चेला। कबीर को समझने वाले यदि महा को न समझें, तो परमात्मा के रहस्य को नहीं समझ सकते। कबीर को चाहने वाले यदि महा को न चाहें तो मुक्ति कोसों दूर है। स्वयं जीवन जीकर जीवन तो सीख सकते हैं, दूसरों को सिखा भी सकते हैं और साथ ही मृत्यु से मित्रता भी कर सकते हैं, परन्तु किसी को मृत्यु ऐसे नहीं सिखा सकते जैसे जीना। काशी मरणान्मुक्ति तो ऐसी स्थिति है जो किसी अज्ञात गुफा में छिपी बैठी है और किसी-किसी के लिए वह वहाँ से निकल, स्वप्रकाश में अभिव्यक्त हो उठती है। समाचार पत्रों से (समीक्षा) अलौकिक शक्तियों के रहस्याभास, परा अनुभूतियों और उनसे उत्पन्न सवेगों पर इतने अधिकार से लिखना आसान नहीं हैं। इसके लिए इन विषयों पर गहरे अध्ययन के साथ ऐसी अनुभूतियों का सवयं साक्षात्कार भी होना चाहिए। -दिव्य हिमाचल सगुण-निर्गुण के पतले धागे को समझाती है। पाठक उन पौराणिक रहस्यों से अवगत होंगे, जिनकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। काशी के उस रूप की व्याख्या की गयी है जो बाकी किताबों में शायद ही मिले। - प्रभात खबर केवल मस्तिष्क को झकझोरने वाला ही नहीं अपितु आत्मा को जागृत कर देने वाला उपन्यास है। द्वैत से अद्वैत में भ्रमण करता कथानक अपने लक्ष्य में पूर्ण सफ़ल हुआ है। -दैनिक नवज्योति
| Brand Name | shiv om sai prakashan |
| Manufacturer | shiv om sai prakashan |
| Item Type | Reference · Books |
| Shipping Weight | 1.04 kg |
| Package Dimensions | 21.6 × 13.6 × 3.2 cm |
| Category | Books › Reference |
| Category Rank | #427,968 in Books |
| Marketplace Rating | 4.6 out of 5 (27 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788191092721 |



