
“मजाज़ की शा’इरी में क्लासिकल शायरों की सी शालीनता और सादगी है। दूसरी विशेषता यह है कि उनके काव्य में शब्द का सौन्दर्य और भाषा की नज़ाकत औरों से बहुत बढ़कर है।...उन्होंने नौजवानों की दृढ़ता, सरफ़रोशी की भावना, जोश, फक्कड़ाना आनबान, बेबाकी और स्वच्छन्दता को केवल - सौन्दर्य उत्पन्न करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को ओजपूर्ण बनाने के लिए अपने काव्य में प्रयुक्त किया है। एक तरफ़ वे नौजवानों में एक योद्धा का जोश उत्पन्न करना चाहते हैं, तो दूसरी ओर औरतों का भी जीवन के युद्ध में शामिल होने का आह्वान करते हैं।...मजाज़ दरअस्ल सौन्दर्य के उपासक हैं। यूँ तो वह लैला-ए-इंक़लाब का भी मजनूँ है, मगर सौन्दर्य की हर अदा का इशारा समझने में निपुण है। उसकी सौन्दर्य-उपासना में प्रेमी का जुनून है। सौन्दर्य उसके लिए सब कुछ है।...मजाज़ की ज़िन्दगी और शा'इरी में रूमानियत की एक लहर हरदम उमड़ती रहती है। तिफ़्ली के ख्वाब से ऐतराफ़ तक एक ख़ास सिलसिलेवार दास्तान है। मजाज़ की रूमानियत में जो जानदार, स्वस्थ और शालीन है उसका उर्दू शा’इरी में हरदम मूल्य रहेगा।...”
| Brand Name | Vani Prakashan |
| Manufacturer | Vani Prakashan |
| Item Type | Poetry · Books |
| Shipping Weight | 358 g |
| Package Dimensions | 21.4 × 14.9 × 1.8 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Poetry |
| Category Rank | #440,045 in Books |
| Marketplace Rating | 4.9 out of 5 (12 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789350724422 |
| Attributes | Vani Prakashan Publisher |