
मनुस्मृति हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और प्राचीन ग्रंथ है, जिसे प्राचीन ऋषि मनु द्वारा लिखा गया माना जाता है। यह ग्रंथ धर्म, कानून, और समाज के विभिन्न वर्गों के कर्तव्यों के बारे में विचार प्रस्तुत करता है। संस्कृत में रचित यह ग्रंथ समाज में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र के कर्तव्यों का वर्णन करता है और आचार-व्यवहार, न्याय और धार्मिक नियमों के बारे में मार्गदर्शन देता है। मनुस्मृति में विभिन्न सामाजिक वर्गों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) के कर्तव्यों और अधिकारों का स्पष्ट रूप से वर्णन किया गया है। मनुस्मृति में कानूनी सिद्धांतों का विवरण है, जो समाज में न्याय और शांति की स्थापना के लिए आवश्यक हैं। इसमें पूजा, अनुष्ठान, त्यौहारों और धार्मिक कर्तव्यों के बारे में मार्गदर्शन मिलता है। यह ग्रंथ धर्म के पालन, सत्य, अहिंसा, और न्याय के महत्व पर बल देता है। ग्रंथ में स्त्रियों के अधिकार और कर्तव्यों पर भी चर्चा की गई है, जिसे लेकर आलोचनाएं भी की जाती रही हैं। जातिवाद और लिंगभेद के संदर्भ में मनुस्मृति की आलोचना भी होती रही है, लेकिन यह भारतीय इतिहास और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
| Brand Name | PRAKASH |
| Manufacturer | PRAKASH |
| Item Type | Intolerance, Persecution & Fundamentalism · Books |
| Shipping Weight | 700 g |
| Package Dimensions | 22.5 × 14.8 × 4.7 cm |
| Category | Books › Religion & Spirituality › Religious Studies › Intolerance, Persecution & Fundamentalism |
| Category Rank | #2,187 in Books |
| Marketplace Rating | 4.3 out of 5 (2K+ ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789362141026 |