
बीज को स्वयं की सम्भावनाओं का कोई भी पता नहीं होता है। ऐसा ही मनुष्य भी है। उसे भी पता नहीं है कि वह क्या है-क्या हो सकता है। लेकिन, बीज शायद स्वयं के भीतर झांक भी नहीं सकता है। पर मनुष्य तो झांक सकता है। यह झांकना ही ध्यान है। स्वयं के पूर्ण सत्य को अभी और यहीं जानना ही ध्यान है। ....क्योंकि ध्यान ही वह द्वारहीन द्वार है जो कि स्वयं को स्वयं से परिचित कराता है।"
| Brand Name | Diamond Books |
| Manufacturer | Diamond Pocket Books Pvt Ltd |
| Item Type | Literature & Fiction · Books |
| Shipping Weight | 332 g |
| Package Dimensions | 21.5 × 14 × 1.8 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction |
| Category Rank | #59,974 in Books |
| Marketplace Rating | 4.6 out of 5 (141 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788171823499 |