
प्रेमचंद हिंदी साहित्य के महान कथाकार थे। उन्होंने कहानियों, उपन्यासों, लघुकथाओं आदि में लगभग 35 वर्ष की साहित्य-साधना की। उनकी रचनाओं की बड़ी संख्या में अपेक्षित सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश होते हैं। 'सेवासदन' उनका प्रसिद्ध उपन्यास है जो वेश्या-समस्या पर ध्यान केंद्रित करता है। 'प्रेमाश्रम' में जमींदार-किसान के संबंधों का उद्घाटन किया गया है। 'रंगभूमि' में गांधी के स्वाधीनता संग्राम का चित्रण किया गया है। 'कायाकल्प' में शारीरिक और मानसिक कायाकल्प का विवरण है। 'निर्मला' में दहेज-प्रथा और बेमेल-विवाह के दुष्परिणामों की कहानी है। 'प्रतिज्ञा' में 'प्रेमा' की कथा को परिवर्तन के साथ प्रस्तुत किया गया है। 'गबन' में युवा पीढ़ी की पतन-गाथा है और 'कर्मभूमि' में राजनीति संघर्ष का चित्रण है। 'गोदान' में कृषकों और कृषि-जीवन के विध्वंस की कहानी है। प्रेमचंद ने हिंदी उपन्यास को भारतीय मुहावरा दिया और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी रचनाएँ हिंदी साहित्य के लिए अमर बनी हैं और उनका योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
| Brand Name | Prabhat Prakashan |
| Manufacturer | Prabhat Prakashan |
| Item Type | Classic Fiction · Books |
| Shipping Weight | 140 g |
| Package Dimensions | 21.3 × 13.5 × 1.3 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Classic Fiction |
| Category Rank | #61,099 in Books |
| Marketplace Rating | 4.4 out of 5 (243 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789350488348 |
| Attributes | Munshi Premchand novels,… · Human nature portrayal,… |