
इस्मत चुग़ताई: प्रतिनिधि कहानियाँ उर्दू कथा-साहित्य में इस्मत चुग़ताई एक ऐसा नुमाया नाम है, जिसने साहित्य और साहित्य से बाहर हर तरह की रूढ़ परम्परा को नामंजूर किया। जिस दौर और जिस समाज से उनकी कलम का रिश्ता रहा है, एक महिला कथिाकार के नाते उसे अपनी शर्तों पर निबाह ले जाना बेहद मुश्किल काम था। इस संग्रह में चुग़ताई की चुनिंदा कहानियाँ शामिल हैं। ये कहानियाँ हमारी दुनिया और उसकी समाजी सच्चाइयों का ऐसा बयान हैं जिनकी कड़वाहट पर भरोसा किया जा सकता है। इनके माध्यम से हम आज की उस जद्दोजहद से वाबस्ता होते हैं जो इनसानी वजूद और इनसानियत के हक़ में सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। आदमी द्वारा आदमी पर होनेवाला ज़ुल्म और ऐसे आदमी को पैदा करनेवाले निज़ाम की तीखी आलोचना इन कहानियों में पूरी कलात्मकता के साथ मौजूद हैं। यथार्थ की गहरी पकड़, नए अर्थ खोलती अछूती उपमाएँ, बेबकी-भरा व्यंग्यात्मक लहजा, चरित्रों का स्वाभाविक विकास और शब्दों का बेहद किफायती इस्तेमाल इस्मत चुग़ताई के रचनाकर्म की कुछ खास खूबियाँ हैं।
| Brand Name | Rajkamal Prakashan |
| Manufacturer | Rajkamal Prakashan |
| Item Type | Literature & Fiction · Books |
| Shipping Weight | 200 g |
| Package Dimensions | 30.6 × 17.6 × 1.6 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction |
| Category Rank | #337,588 in Books |
| Marketplace Rating | 4.2 out of 5 (46 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788171783861 |