
‘रसीदी टिकट’ अमृता प्रीतम की बहुचर्चित आत्मकथा है, जो बताती है कि उन्हें नफरत के दायरे पर तरस आता है; उन्हें विभाजन ने बुरी तरह प्रभावित किया था, जिससे ’वारिस शाह’ जैसी कविता की रचना हुई। उनकी यह आत्मकथा बताती है कि रचनाकार को कैसे अपनी आलोचना की परवाह नहीं करनी चाहिए, चाहे जमाना बैरी हो जाए। साहिर से करीबी और इमरोज़ से गहरी दोस्ती के बीच के वाकये को भी अमृता ने खूबसूरती से सामने रखा है। इस किताब को पढ़ना एक ऐसे बुखार से गुजरना है, जो आपको नायिका की जिंदगी की हर सच्चाई से रूबरू करा देता है।
| Brand Name | Kitab Ghar |
| Manufacturer | Kitab Ghar, Ansari Road, Daryaganj, New Delhi |
| Item Type | Biographies & Autobiographies · Books |
| Shipping Weight | 400 g |
| Package Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.6 cm |
| Category | Books › Biographies, Diaries & True Accounts › Biographies & Autobiographies |
| Category Rank | #60,103 in Books |
| Marketplace Rating | 4.5 out of 5 (213 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788190554725 |
| Attributes | Language Published: Hindi · Binding: hardcover |