
क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर शिखर पर 24 अद्भुत वर्ष बिताने के बाद 2013 में रिटायर हो गए। अब तक के सबसे मशहूर भारतीय क्रिकेटर सचिन को भारत रत्न पुरस्कार - भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान उनके रिटायरमेंट के दिन मिला। अब सचिन तेंदुलकर अपनी खुद की उल्लेखनीय कहानी बता रहे हैं - 16 साल की उम्र में पहले टेस्ट से लेकर उनके 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक तक और उस भावनात्मक अंतिम विदाई तक, जिसने उनके देश को थाम सा दिया था। जब मुंबई के एक शरारती बच्चे की अतिरिक्त ऊर्जा को क्रिकेट की और मोड़ा गया, तो परिणाम स्कूली बल्लेबाज़ी के रिकॉर्डतोड़ कीर्तिमान के रूप में सामने आए, जिससे एक ऐतिहासिक क्रिकेट करियर शुरू हुआ। जल्द ही सचिन तेंदुलकर भारतीय बल्लेबाज़ी की बुनियाद बन गए और क्रिकेट को समर्पित देश के दीवाने लोग उनके खेल को ग़ौर से देखने लगे। किसी क्रिकेटर से कभी इतनी ज़्यादा उम्मीदें नहीं की गईं; किसी क्रिकेटर ने कभी इतने उच्च स्तर पर इतने लंबे समय तक और इतनी बढ़िया शैली में प्रदर्शन नहीं किया — उन्होंने किसी भी दूसरे खिलाड़ी से ज़्यादा रन और शतक बनाए हैं, टेस्ट मैचों में भी और एक दिवसीय मैचों में भी। और शायद केवल एक ही क्रिकेट खिलाड़ी सदमे से ग्रस्त देश को एक सूत्र में ला सकता था, जब उन्होंने मुंबई को थर्राने वाले आंतकवादी हमलों के ठीक बाद टेस्ट शतक लगाया। भारत के लिए उनकी कई उपलब्धियों में विश्व कप जीतना और विश्व टेस्ट रैंकिंग में भारत को शिखर पर पहुँचाना शामिल था। लेकिन वे कुंठा और असफलता के दौर से भी गुज़रे हैं - चोटों से लेकर विश्व कप से बाहर होने तक, और प्रेस की तीखी आलोचना के शिकार बनने तक, ख़ास तौर पर कप्तान के रूप में उनके दुखद कार्यकाल के दौरान। उनकी मशहूर शख़्सियत के बावजूद, सचिन तेंदुलकर हमेशा बहुत निजी इंसान रहे हैं, अपने परिवार तथा देश के प्रति समर्पित। वे पहली बार अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में विस्तार से रोचक जानकारी दे रहे हैं और एक अनूठे खेल जीवन का सच्चा व सरस वर्णन पेश कर रहे हैं।
| Brand Name | Manjul Publishing House |
| Manufacturer | Manjul Publishing House |
| Item Type | Biographies & Autobiographies · Books |
| Shipping Weight | 530 g |
| Package Dimensions | 25.9 × 14.5 × 3.9 cm |
| Category | Books › Biographies, Diaries & True Accounts › Biographies & Autobiographies |
| Category Rank | #65,892 in Books |
| Customer Reviews | 4.5 out of 5 (283 ratings) |
| EAN | 9788183225755 |