
मनुष्य की स्थूल पार्थिव सत्ता उसकी रंग-रूपमयी आकृति में व्यक्त होती है ! उसके बौद्धिक संगठन से जीवन और जगत सम्बन्धी अनेक जिज्ञासाओं, उनके तत्व के शोध और समाधान के प्रयास, चिंतन की दिशा आदि संचालित और संयमित होते हैं ! उसकी रागात्मक वृत्तियों का संघात उसके सौंदर्य-संवेदन, जीवन और जगत के प्रति आकर्षण-विकर्षण, उन्हें अनुकूल और मधुर बनाने की इच्छा, उसे अन्य मानवों की इच्छा से संपृक्त कर अधिक विस्तार देने की कामना और उसकी कर्म-परिणति आदि का सर्जक है !
| Brand Name | Rajkamal Prakashan |
| Manufacturer | Lokbharti Prakashan |
| Item Type | Indian Writing · Books |
| Shipping Weight | 280 g |
| Package Dimensions | 22 × 14 × 1.8 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Indian Writing |
| Category Rank | #916,371 in Books |
| Marketplace Rating | 4.8 out of 5 (8 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788180313394 |