
"सुनो साहिबा" केवल एक प्रेमकथा नहीं, बल्कि आत्मा और हृदय की गहराइयों में उतरने वाला एक अद्वितीय साहित्यिक अनुभव है। डॉ. ऋषि अग्रवाल ‘सागर’ द्वारा लिखित यह उपन्यास उस इश्क़ की दास्तान है, जो शब्दों से परे और सांसारिक बंधनों से ऊपर है। यह प्रेम किसी अपेक्षा पर नहीं टिका, बल्कि त्याग, समर्पण और आत्मिक जुड़ाव पर आधारित है।यह पुस्तक आपको प्रेम की उस दुनिया में ले जायेगी- जहाँ न वासना है, न स्वार्थ, केवल निर्मल भावना, अनकही तड़प और आत्मा का मिलन है। यदि आपने कभी किसी को इस कदर चाहा है कि उसका दर्द भी आपका अपना लगे, उसकी ख़ुशी आपके जीने का कारण बने तो "सुनो साहिबा" आपके हृदय की गहराइयों को छू लेगी। यह उपन्यास उन पाठकों के लिए है जो प्रेम को सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि जीवन का आध्यात्मिक अनुभव मानते हैं। सुनो साहिबा आपको हँसायेगी, रुलायेगी और अंत में यह एहसास दिलायेगी कि सच्चा प्रेम कभी हारता नहीं, वह आत्मा में अमर हो जाता है। यदि आप भी प्रेम, त्याग और आत्मिक जुड़ाव पर लिखी ऐसी कहानी पढ़ना चाहते हैं जो आपके दिल पर गहरा असर छोड़े, तो यह पुस्तक आपके लिए ही है।
| Brand Name | Sahitya Sagar |
| Manufacturer | Shree Satyam Prakashan |
| Item Type | Romantic Suspense · Books |
| Shipping Weight | 350 g |
| Package Dimensions | 1.3 × 12.7 × 19.8 cm |
| Category | Books › Romance › Romantic Suspense |
| Category Rank | #107,482 in Books |
| Marketplace Rating | 5.0 out of 5 (10 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789392337673 |



