
'तितली' जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित एक उपन्यास हैं, जो 1934 ई. में प्रकाशित हुआ। 'तितली' में प्रमुख रूप से ग्राम्य जीवन के चित्र और समस्याओं का समावेश किया गया है। भारतीय ग्रामों में आज भी संस्कृति के मूल तत्त्व विद्यमान हैं, यद्यपि वातावरण पर्याप्त विकृत और दूषित हो गया है। एक ओर इन्द्रदेव को लेकर और महुआ ग्रामीण जीवन का प्रकाशन करते हैं। भूमिहीन किसानों में क्रांति-विद्रोह का जो भाव है, वह मधुबन में स्पष्ट है। ग्राम्य-जीवन के उद्धार का प्रयत्न इन्द्रदेव और शैला करते हैं। बैंक, अस्पताल, ग्रामसुधार आदि की योजनाएँ उन्हीं के द्वारा कर्यांवित होती हैं। मिटती हुई सामंतवादी प्रथा की सूचना 'तितली' में मिलती है। जयशंकर प्रसाद का जन्म 30 जनवरी 1890 को वाराणसी के सरायगोवर्धन में हुआ था। जयशंकर प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी में हुई, जिसके बाद उनकी शिक्षा का प्रबंध घर पर ही हुआ जहाँ उन्होंने संस्कृत, हिंदी, उर्दू और फ़ारसी का अध्ययन किया। उन्हें हिंदी कवि, नाटककार, उपन्यासकार और ऐसी कई उपाधियों से सम्मानित किया गया था। 15 नवंबर 1937 को तपेदिक के कारण वाराणसी में उनकी मृत्यु हो गई।
| Brand Name | R S BOOK WORLD |
| Manufacturer | R S BOOK WORLD |
| Item Type | Psychological · Books |
| Shipping Weight | 425 g |
| Package Dimensions | 24 × 16 × 4 cm |
| Category | Books › Science Fiction & Fantasy › Horror › Psychological |
| Category Rank | #114,810 in Books |
| Marketplace Rating | 4.2 out of 5 (994 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789349365834 |



