
वैशाली की नगरवधू' आचार्य चतुरसेन का असाधारण उपन्यास है। साहित्य की ऐसी अद्भुत सम्पदा अथक परिश्रम, गहन साधना और दीर्घ अनुभवों से ही संभव है। इसके लिए आचार्य जी ने दस वर्षों तक आर्य, बौद्ध, जैन और हिन्दू साहित्य का सांस्कृतिक अध्ययन किया और यह ऐसी रचना बन गई कि वह स्वयं कह उठे, 'निरंतर चालीस वर्षों की अर्जित अपनी सम्पूर्ण साहित्य सम्पदा को मैं आज प्रसन्नता से रद्द करता हूं और इस रचना की अपनी पहली कृति घोषित करता हूं।' यह बौद्धकालीन सर्वांग सुन्दरी वैशाली की वेश्या अम्बपाली की मार्मिक गाथा है।
| Brand Name | Hind Pocket Books |
| Manufacturer | Hind Pocket Books |
| Item Type | Short Stories · Books |
| Shipping Weight | 260 g |
| Package Dimensions | 20.6 × 13.2 × 2.2 cm |
| Category | Books › Children's Books › Literature & Fiction › Short Stories |
| Category Rank | #504,164 in Books |
| Marketplace Rating | 4.7 out of 5 (53 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788121614740 |