
जीवन घटनाओं से ही आगे बढ़ता है और कभी कुछ ऐसा भी घटता है, जो केवल स्मृति भर बनकर नहीं टिकता, लेकिन विस्मरण होकर भी पूरी तरह जाता नहीं। उन्हीं अधूरे अनुभवों, थमी, ठहरी हुई अनुभूतियों, अपनेपन के भावों में पगी हुईं और मन के भीतर के मौन की कविताएँ हैं ‘विस्मृति’। यह संग्रह उन पलों को स्वर देता है, जो अक्सर हम सबके साथ रहते हैं, पर पहचान भी नहीं माँगते। जहाँ भावनाएँ स्पष्ट नहीं होतीं, अर्थ पूरे नहीं होते, फिर भी भीतर कुछ क्या, बहुत कुछ अटक जाता है। ये कविताएँ किसी निष्कर्ष तक पहुँचने की बात नहीं करतीं, बल्कि बस उस यात्रा की हैं, जहाँ ‘याद’ और ‘भूल’ एक-दूसरे से अलग नहीं, बल्कि साथ-साथ चलते हैं। About the Author डॉ० शलभ कुमार गुप्ता पेशे से चिकित्सक हैं और दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वे ‘कृति आयुर्वेदिक क्लिनिक’ का संचालन करते हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में भी वे चिकित्सा को मानवीय संवेदना और समग्र दृष्टि के साथ देखते हैं। चिकित्सा के साथ-साथ साहित्य पाठ और काव्य लेखन में भी उनकी गहरी रुचि रही है। उनकी कविताएँ जीवन के सूक्ष्म अनुभवों, स्मृति के बीच पनपती भावनाओं को सादगी और ईमानदारी से अभिव्यक्त करती हैं।
| Brand Name | SHABDGAATHA |
| Manufacturer | Third Draft - A Shabdgaatha Imprint |
| Item Type | Poetry · Books |
| Shipping Weight | 150 g |
| Package Dimensions | 22 × 14 × 1 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction › Poetry |
| Category Rank | #346,483 in Books |
| Marketplace Rating | 5.0 out of 5 (18 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9788198179630 |