
About the Book सामाजिक नियमों के बीच झूझते एक प्रेम की कहानी, जो समय आने पर न केवल विचारधारा बदलती है बल्कि समाज के स्थापित नियमों को भी चुनौती देती है। यह कहानी है एक प्रेमी से पिता बनने की यात्रा की। मृत्युंजय धर्मपिता बनता है, लेकिन क्या यह सफर इतना आसान है? एक साधारण-सी लगने वाली कहानी, जो आपको अपनी ही कहानी का एहसास कराएगी। यह जीवन की उन सच्चाइयों से परिचित करवाती है जिन्हें हम जानते तो हैं, लेकिन अक्सर उन्हें समझने या व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं खोज पाते। कहानी प्रेम, परिवार, मनोविज्ञान और आत्म-खोज के साथ-साथ मानव तस्करी, महिला शोषण और कन्या हत्या जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को भी सामने लाती है। यह उन सवालों को उठाती है जिन्हें हम अक्सर समाचारों में पढ़कर अनदेखा कर देते हैं। यह केवल एक कहानी नहीं, बल्कि स्वयं की खोज की यात्रा है—एक ऐसी थैरेपी जो मन और मस्तिष्क के अनेक प्रश्नों के उत्तर खोजने में सहायता करती है। प्रेम, सामाजिक जीवन, मनोविज्ञान और मानवीय संवेदनाओं का यह संगम पाठकों को गहराई से प्रभावित करेगा। यदि आप भावनात्मक, विचारोत्तेजक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कहानियाँ पढ़ना पसंद करते हैं, तो यह उपन्यास आपके लिए है।
| Brand Name | IndiePress |
| Manufacturer | IndiePress |
| Item Type | Literature & Fiction · Books |
| Shipping Weight | 430 g |
| Package Dimensions | 22.9 × 15.2 × 2.2 cm |
| Category | Books › Literature & Fiction |
| Category Rank | #88,766 in Books |
| Marketplace Rating | 5.0 out of 5 (15 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789371971447 |