
जॉन साहब का एक और संकलन 'यानी' आपके हाथ में है। अंग्रेज़ी के लोकप्रिय नाटककार शेक्सपियर ने खूब सारा रचा लेकिन हर बार अपने रचे को शीर्षक की हद में बाँधने के समय वे पसोपेश में दिखाई पड़े। दरअसल अपने बच्चे को नाम देते समय आपकी झिझक, उस नाम के प्रति दुनिया की स्वीकार्यता के दरवाज़े पर बन्धक दिखाई देती ही है। लेकिन जॉन भाई के यहाँ ये झिझक शुद्ध शायर होने की उनकी सहजता के सम्मुख आत्मसमर्पण कर देती है। 'यानी' जॉन साहब के इसी खुले आकाश जैसे कहन का एक ऐसा रुहानी रौशनदान है जिससे छनकर उनकी ग़ज़लों की रश्मियाँ आत्मा के जलाशय में हर बार नया इन्द्रधनुष रच देती हैं। -भूमिका से
| Brand Name | Vani Prakashan |
| Manufacturer | Vani Prakashan |
| Item Type | Music · Books |
| Shipping Weight | 220 g |
| Package Dimensions | 19.9 × 12.9 × 1.4 cm |
| Category | Books › Arts, Film & Photography › Music |
| Category Rank | #81,858 in Books |
| Marketplace Rating | 4.3 out of 5 (39 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789357757140 |



