
श्रीपराशर ऋषिप्रणीत यह पुराण अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। इसके प्रतिपाद्य भगवान् विष्णु हैं जो सृष्टिके आदिकारण नित्य अक्षय अव्यय तथा एकरस हैं । इसमें आकाश आदि भूतोंका परिमाण समुद्र सूर्य आदिका परिमाण पर्वत देवतादिकी उत्पत्ति मन्वन्तर कल्प-विभाग सम्पूर्ण धर्म एवं देवर्षि तथा राजर्षियोंके चरित्रका विशद वर्णन है। भगवान् विष्णु-प्रधान होनेके बाद भी यह पुराण विष्णु और शिवके अभिन्नताका प्रतिपादक है।
| Brand Name | Shri Ji Books |
| Manufacturer | Shri Ji Books |
| Item Type | Hinduism · Books |
| Shipping Weight | 800 g |
| Package Dimensions | 21 × 13 × 5 cm |
| Category | Books › Religion & Spirituality › Hinduism |
| Category Rank | #18,379 in Books |
| Customer Reviews | 4.8 out of 5 (55 ratings) |