
किसी भी साहित्य का इतिहास सागर के समान विशाल और गहरा होता है, हिन्दी साहित्य का इतिहास भी इसका अपवाद नहीं है। जिस प्रकार सागर में अगनित बहुमूल्य और सामान्य रत्नों का भण्डार समाहित रहता है उसी प्रकार की स्थिति साहित्य की भी रहती है। हिन्दी साहित्य के विशाल सागर से अनमोल मोती चुनने का प्रयास अनेक साहित्यकारों ने किया, पर जो सफलता और प्रामाणिकता आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को प्राप्त हुई, वह अन्य के लिए दुर्लभ है। शुक्ल जी ने अपने समय तक के नायाब रत्नों को परखने और निष्कर्ष देने का जो अतुलनीय प्रयास किया वह वास्तव में एक अनुपम उपलब्धि है। उनका विख्यात ग्रन्थ ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ जितना अनमोल है उतना ही उसका अध्ययन भी। यह सभी प्रकार की परीक्षाओं हेतु अति आवश्यक ग्रन्थ है। अधिक जानकारी एवं किताबों की सूची के लिए सम्पर्क करें-9456483713
| Brand Name | Sahitya Sarowar |
| Manufacturer | SAHITYA SAROWAR |
| Item Type | Uttarakhand · Books |
| Shipping Weight | 480 g |
| Package Dimensions | 28 × 22 × 1.5 cm |
| Category | Books › School Books › State Education Boards › Uttarakhand |
| Category Rank | #44,666 in Books |
| Customer Reviews | 4.2 out of 5 (149 ratings) |
| EAN | 9788193763988 |
| Attributes | <br>Language Published:… |



