
डॉ. सदानंद गुप्ता का लेखन जीवन के यथार्थ, दर्शन और कर्तव्यबोध का संगम है। उनकी आत्मकथात्मक कृति 'जो रुका नहीं' केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। यह उस पीढ़ी के लिए वैचारिक दस्तावेज है, जो असफलता से भयभीत है, जो स्वयं को थका हुआ महसूस करती है, और जो यह सोचने लगती है कि रास्ते बंद हो गए हैं। यह पुस्तक कहती है- रास्ते कभी बंद नहीं होते। जो रुक जाता है, वही हारता है। 'जो रुका नहीं' संघर्ष, असफलता और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा है, जहाँ व्यक्ति स्वयं से आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र से जुड़ना सीखता है। यह पुस्तक पाठक को किसी लेखक से नहीं, बल्कि अपने भीतर के उस मनुष्य से मिलवाती है, जो अब तक रुका हुआ है और जिसे अब चलना है।
| Brand Name | Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. |
| Manufacturer | Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. |
| Item Type | Motivational · Books |
| Shipping Weight | 200 g |
| Package Dimensions | 22 × 14 × 2 cm |
| Category | Books › Health, Family & Personal Development › Self-Help › Motivational |
| Category Rank | #71,252 in Books |
| Customer Reviews | 5.0 out of 5 (13 ratings) |
| EAN | 9789375739593 |



