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Kaikeyi: Ek Yugsrshta Rani Ki Amritgatha ( कैकयी: एक युगसृष्टा रानी की अमृतगाथा
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पुस्तक परिचय राक्षसों का आतंक बढ़ रहा है। लंकापति दसग्रीव, दक्षिणी प्रायद्वीप से निकलकर आर्य संस्कृति के हृदय-स्थल, उत्तर के मैदानी क्षेत्रों पर अपने प्रभुत्व का विस्तार कर रहा है। शैव-वैष्णव-शाक्त जैसे पंथों और सूर्य चन्द्र-वानर आदि वंशों में विभाजित राजघराने लंकेश की बढ़ती शक्ति के सामने असहाय हैं। ऐसे कठिन समय में आर्यावर्त के महान ऋषि एक गुप्त योजना रचते हैं, जिसमें वैदिक संस्कृति का विस्तार, राक्षसों का विनाश और भारत भूमि का एकीकरण निहित है। ऋषियों की इस कार्ययोजना में कैकेय की राजकुमारी सुरूपा और उसकी बहन सुकृति को एक प्रमुख भूमिका सौंपी जाती है। कैकेयी की महागाथा हिंदुकुश की पर्वत-श्रृंखलाओं से आरम्भ होकर अयोध्या, चित्रकूट, दण्डकारण्य और किष्किंधा से होते हुए लंका की रणभूमि तक पहुंचती है। बाल्यकाल में ही मातृ स्नेह से वंचित कैकेयी का लक्ष्य के प्रति समर्पण, उसकी संवेदनाएं, संघर्षशीलता और त्याग, उसे साधारण स्त्री से एक अति विशिष्ट नारी बनाते हैं। यह उस वीरांगना की कथा है, जिसने भारतवर्ष के इतिहास और भविष्य को पुनः परिभाषित किया। यह उस राजकुमारी का आख्यान है जिसने अयोध्या के राजकुमार राम को महाविष्णु के सातवें अवतार के रूप में प्रतिष्ठित करने में अदृश्य किन्तु निर्णायक भूमिका निभाई और युग-युगांतर तक निंदा और अपयश की पात्र बनी। लेखक परिचय भारतीय वायु सेना एवं बैंकिंग की पृष्ठभूमि से आए जय प्रकाश शुक्ल विश्व-इतिहास में प्रथम श्रेणी में स्नातकोत्तर हैं। अत्यल्प समय में ही साहित्य-जगत में उन्होंने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। जय शुक्ल की प्रथम कृति ‘कैकेयी – द वैरियर क्वीन ऑफ़ कोशल’ को पाठकों और समालोचकों का भरपूर स्नेह मिला। जय शुक्ल की नवीनतम कृति ‘स्त्री - द वीमेन ऑफ़ द रामायण’ है। साथ ही, उन्होंने बाल-पाठकों के लिए पौराणिक कथाओं पर आधारित कई चित्रकथाएँ भी लिखी हैं। रामायण, महाभारत व अन्य पुरातन ग्रंथ उनके लेखन के मूल स्रोत हैं तुलसीकृत श्रीरामचरितमानस उनके हृदय के अत्यंत निकट है। कृषिकार्य और लेखन को समर्पित जय शुक्ल अपना समय, पत्नी व संयुक्त परिवार के साथ पैतृक गृहस्थान, ब्रह्मावर्त (बिठूर) के समीप, रामनगर और अपनी पुत्री के साथ मुंबई में व्यतीत करते हैं।

Specifications

Brand NamePetals Publishers and Distributors
ManufacturerPetals Publishers & Distributors
Item TypeHinduism · Books
Shipping Weight200 g
Package Dimensions20.3 × 12.7 × 1.5 cm
CategoryBooks › Religion & Spirituality › Hinduism
Category Rank#414,920 in Books
Marketplace Rating4.9 out of 5 (13 ratings on the source marketplace)
EAN9789349310100

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Petals Publishers and Distributors

Kaikeyi: Ek Yugsrshta Rani Ki Amritgatha ( कैकयी: एक युगसृष्टा रानी की अमृतगाथा )

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