
नीब करौरी बाबा के सार को समेटने का मतलब एक ऐसे रहस्य से जूझना हे, जो पारंपरिक समझ से परे है। बाबा नीब करौरी सन् 1900 में उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में लक्ष्मी नारायण शर्मा के रूप में जनमे, बाद में महाराजजी बन गए। रहस्य और दैवीय हस्तक्षेप से घिरा उनका प्रारंभिक जीवन आध्यात्मिक प्रकाश के लिए मंच तैयार करता है, जिसका प्रभाव पीढ़ियों तक रहेगा। हिमालय की गोद में बसा कैंची धाम एक मरुघान के रूप में उभरा, जहाँ विविध पृष्ठभूमि के साधक आध्यात्मिक पोषण की खोज में एकत्र हुए। यहाँ के मनोरम वातावरण में एक अलग ही प्रकार की अप्रतिम अनुभूति होती है और किसी दिव्य आध्यात्मिक चेतना से हर भक्त अपने कष्ट भूलकर बाबा की प्रत्यक्ष उपस्थिति अनुभव कर पाता है। यह पुस्तक आश्रम का एक मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है। मंदिर के दैनिक अनुष्ठान, सत्संग और आध्यात्मिक अभ्यास तथा महाराजजी की शिक्षाएँ इसे मानव जीवन को सार्थकता प्रदान करने का केंद्र बनाते हैं । सुरुचिपूर्ण वर्णनों और उपाख्यानों के माध्यम से पाठकों को कैंची धाम के हृदय तक ले जाया गया है, जहाँ दिव्य वचन गूँजते रहते हैं । करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्रबिंदु केंची धाम के बाबा नीब करौरी की आध्यात्मिक चेतनायुक्त प्रेरक व प्रामाणिक जीवनगाथा, जिसके अध्ययन से जीवनपथ आलोकित होगा और कष्ट कम होंगे।
| Brand Name | Prabhat Prakashan |
| Manufacturer | Prabhat Prakashan Pvt. Ltd. |
| Item Type | Hinduism · Books |
| Shipping Weight | 110 g |
| Package Dimensions | 21.4 × 13.9 × 1.2 cm |
| Category | Books › Religion & Spirituality › Hinduism |
| Category Rank | #4,471 in Books |
| Marketplace Rating | 4.3 out of 5 (33 ratings on the source marketplace) |
| EAN | 9789355625946 |
| Attributes | hatha yoga books, ashtanga yoga… |